रेत माफियाओं पर खनिज विभाग का बड़ा प्रहार: रात 10 बजे चली दबिश, अवैध रेत परिवहन करते 2 हाईवा जप्त

रेत माफियाओं पर खनिज विभाग का बड़ा प्रहार: रात 10 बजे चली दबिश, अवैध रेत परिवहन करते 2 हाईवा जप्त
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही | 20 मई 2026 जिले में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत माफियाओं पर करारा प्रहार किया है। कलेक्टर के सख्त निर्देश पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने मंगलवार देर रात करीब 10 बजे कोलबीरा और रूमगा क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया, जहां अवैध रूप से रेत परिवहन करते 02 हाईवा वाहनों को पकड़कर जप्त किया गया।


खनिज विभाग की इस अचानक कार्रवाई से अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान दोनों हाईवा वाहनों से रेत परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वाहन चालक कोई रॉयल्टी पर्ची, परिवहन चालान या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद विभाग ने तत्काल दोनों वाहनों को जप्त कर कार्रवाई शुरू कर दी।


विभाग के अनुसार वाहन स्वामियों के खिलाफ खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21(1), 21(5) एवं 23(क) के तहत कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अर्थदंड एवं समझौता राशि जमा कराने के बाद ही वाहनों को छोड़ा जाएगा।
लगातार हो रही कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि प्रशासन अब अवैध रेत परिवहन को लेकर पूरी तरह सख्त हो चुका है। बीते कुछ दिनों में ट्रैक्टर, टिप्पर, जेसीबी और हाईवा वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
लेकिन इन कार्रवाइयों के बीच अब एक बड़ा सवाल भी उठने लगा है — आखिर जिले में कई जगहों पर खुलेआम किए गए अवैध रेत भंडारण पर कार्रवाई कब होगी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे और ग्रामीण इलाकों में भारी मात्रा में रेत का अवैध स्टॉक पहले से जमा करके रखा गया है। रात के अंधेरे में रेत निकालकर उसे अलग-अलग स्थानों पर डंप किया जाता है और बाद में जरूरत के अनुसार वाहनों के माध्यम से बेचा जाता है। ऐसे में केवल परिवहन पर कार्रवाई करने से अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म होता नजर नहीं आ रहा।
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि जिले के कई क्षेत्रों में रेत के बड़े-बड़े अवैध भंडारण स्थल लंबे समय से संचालित हो रहे हैं, लेकिन वहां तक कार्रवाई नहीं पहुंच पा रही। लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन इन डंपिंग पॉइंट्स पर सख्ती से कार्रवाई करे, तो अवैध रेत कारोबार की कमर पूरी तरह टूट सकती है।
खनिज विभाग की मौजूदा कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती का बड़ा संकेत माना जा रहा है, लेकिन अब निगाहें उन अवैध भंडारण स्थलों पर टिकी हैं जहां से पूरे नेटवर्क का संचालन होने की चर्चा है। यदि आने वाले दिनों में वहां छापेमार कार्रवाई होती है, तो जिले में अवैध रेत कारोबार पर यह सबसे बड़ी चोट साबित हो सकती है।
कार्रवाई में शामिल अधिकारी-कर्मचारी
आदित्य मानकर – सहायक खनि अधिकारी,सुजीत कंवर– खनिज निरीक्षक,शिवकुमार लहरे – खनिज सिपाही,सतीश साहू – नगर सैनिक
















